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CTET English : Paper 1
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CTET Dec 2019 : Hindi, Paper 1
भाग - IV
भाषा - I : हिंदी
महत्वपूर्ण : परीक्षार्थी भाग IV (प्र.सं. 91 से 120) के प्रश्नों के उत्तर केवल तभी दें यदि उन्होंने भाषा - I का विकल्प हिन्दी चुना हो।
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (91 से 99 तक) के सबसे उपयुक्त उत्तरं वाले विकल्प को चुनिए :
आधुनिक शिक्षा का नतीजा हमने देख लिया । हमने उस शिक्षा का नतीजा भी देख लिया, जिसमें 'विकसित विज्ञान' का सबसे महत्त्वपूर्ण स्थान है, जिसके कारण व्यक्ति को कहीं भी या कितना भी मिलने के बावजूद तृप्ति नहीं होती। इसका कारण यही है कि शिक्षा के स्वाभाविक और आवश्यक अंगों को छोड़कर हमने ऐसे विषयों पर अधिक ध्यान दिया, जो मनुष्य का एकतरफा विकास करते हैं, जिनके कारण व्यक्तित्व का बड़े-से-बड़ा भाग अतृप्त रह जाता है। बाल्यावस्था में भी कला-शिक्षा को अभी तक उचित स्थान नहीं मिला है। जहाँ मिलता भी है, वहाँ बच्चा ग्यारह बारह वर्ष का होते ही उसके शिक्षा-क्रम में से कला-प्रवृत्तियों को निकाल दिया जाता है। ऐसा ही हर्बर्ट रीड ने कहा है:
"हमारा अनुभव हमें बताता है कि हर व्यक्ति ग्यारह साल की उम्र के बाद, किशोर अवस्था और उसके बाद भी सारे जीवन-काल तक किसी-न-किसी कला- प्रवृत्ति को अपने भाव-प्रकटन का जरिया बनाये रख सकता है। आज के सभी विषय जिन पर हम अपनी एकमात्र श्रद्धा करते हैं, जैसे गणित, भूगोल, इतिहास, रसायनशास्त्र और यहाँ तक कि साहित्य भी जिस तरह पढ़ाये जाते हैं, उन सबकी बुनियाद तार्किक है। इन पर एकमात्र जोर देने के कारण कला-प्रवृत्तियाँ, जो भावना- प्रधान होती हैं, पाठ्यक्रम से करीब-करीब निकल जाती हैं। ये प्रवृत्तियाँ केवल पाठ्यक्रम से ही नहीं निकल जातीं, बल्कि इन तार्किक विषयों को महत्त्व देने के कारण व्यक्ति के दिमाग से भी बिलकुल निकल जाती हैं। किशोर- अवस्था को इस तरह गलत रास्ते पर ले जाने का नतीजा भयानक हो रहा है। सभ्यता रोज-ब-रोज बेढब होती जा रही है। व्यक्ति का गलत विकास हो रहा है। उसका मानस अस्वस्थ है, परिवार दुखी है। समाज में फूट पड़ी है और दुनिया पर ध्वंस करने का ज्वर चढ़ा है। इन भयानक अवस्थाओं को हमारा ज्ञान-विज्ञान सहारा दे रहा है। आज की तालीम भी इसी दौड़ में साथ दे रही है।"
91. अनुच्छेद के आधार पर हमें किस पर सर्वाधिक ध्यान देने की जरूरत है
(1) विज्ञान पर
(2) कला प्रवृत्ति पर
(3) किशोरावस्था पर
(4) बाल्यावस्था पर
92. अनुच्छेद के अनुसार गणित, भूगोल, इतिहास आदि विषय
(1) तर्क प्रधान हैं।
(2) भाव प्रधान हैं।
(3) कला प्रधान हैं।
(4) बोध प्रधान हैं।
93. ज्ञान-विज्ञान को बहुत अधिक महत्त्व देने के कारण
(1) समाज उन्नति कर रहा है।
(2) समाज में विभाजन हो रहा है।
(3) व्यक्ति सृजन की राह पर है।
(4) व्यक्ति विध्वंस की राह पर नहीं है।
94. किशोरावस्था तार्किकता की प्रधानता और भाव के अभाव में .......... का रास्ता अपना रही है।
(1) पतन
(2) ज्ञान
(3) प्रगति
(4) कर्म
95. इनमें से कौन सा शब्द समूह से भिन्न है ?
(1) तार्किक
(2) स्वाभाविक
(3) साहित्यिक
(4) अभिव्यक्ति
96. 'आज की तालीम भी इसी दौड़ में साथ दे रही है।' वाक्य में निपात है
(1) आज
(2) भी
(3) इस
(4) में
97. 'विकसित' शब्द में प्रत्यय है
(1) सित
(2) इत
(3) त
(4) सत
98. अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि आधुनिक शिक्षा का नतीजा
(1) सुखद है।
(2) दुःखद है।
(3) औसत है।
(4) पता नहीं।
99. आधुनिक शिक्षा में किस विषय को सबसे अधिक महत्त्व दिया जाता है ?
(1) कला को
(2) भाषा को
(3) विज्ञान को
(4) इतिहास को
P-1 निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न 100 से 105 तक) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए :
साकार, दिव्य गौरव विराट !
पौरुष के पुंजीभूत ज्वाल !
मेरी जननी के हिमकिरीट !
मेरे भारत के दिव्य भाल !
मेरे नगपति ! मेरे विशाल !
युग-युग अजेय, निर्बंध, मुक्त,
युग-युग गर्वोन्नत नित महान,
निस्सीम व्योम में तान रहे,
युग से किस महिमा का वितान ?
कैसी अखंड यह चिर समाधि ?
यतिवर ! कैसा यह अमर ध्यान ?
तू महाशून्य में खोज रहा
किस जटिल समस्या का निदान ?
उलझन का कैसा विषम-जाल
मेरे नगपति ! मेरे बिशाल !
100. 'हिमकिरीट' का आशय है
(1) ठंडा मुकुट
(2) बर्फ़ का मुकुट
(3) चाँदी का मुकुट
(4) स्वर्णिम मुकुट
101. 'नगपति' का बिग्रह और समास होगा
(1) रत्नों (नग) का पति - तत्पुरुष
(2) नों (पर्वतों) का पति है जो कर्मधारय
(3) नगों (पर्वतों) का पति - तत्पुरुष
(4) नगों का पति है जो, ऐसा बहुव्रीहि
102. किस पंक्ति में कहा गया है कि हिमालय शक्ति की ज्वालाओं का ढेर है ?
(1) युग-युग अजेय, निबंध, मुक्त
(2) मेरे भारत के दिव्य भाल
(3) पौरुष के पुंजीभूत ज्वाल
(4) साकार, दिव्य गौरव विराट
103. 'जिसे जीता न जा सके' उसके लिए कविता में कौन सा शब्द प्रयुक्त हुआ है ?
(1) अजेय
(2) अखंड
(3) अमर
(4) दिव्य
104. 'निस्सीम' शब्द में कौन सी संधि है ?
(1) स्वर
(2) व्यंजन
(3) विसर्ग
(4) दीर्घ
105. हिमालय को 'यतिवर' कहकर संशोधित किया गया है, क्योंकि वह
(1) भारत का प्रहरी है।
(2) पर्वतों का स्वामी है।
(3) समाधि में लीन है।
(4) समस्या का हल ढूंढ़ रहा है।

निर्देश - नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए:
106. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की भाषा का आकलन करने का उद्देश्य है
(1) उसकी पठन क्षमता का आकलन ।
(2) उसके भाषा प्रयोग की क्षमता का आकलन ।
(3) उसकी लेखन क्षमता का आकलन ।
(4) उसकी बोलने की कुशलता का आकलन ।
107. इनमें से कौन सा भाषा-आकलन में सबसे कम प्रभावी तरीका है ?
(1) कहानी कहना
(2) कहानी लिखना
(3) घटना-वर्णन
(4) श्रुतलेख
108. आकलन की प्रक्रिया में केवल बच्चे की क्षमताओं का आकलन नहीं होता बल्कि शिक्षक की शिक्षण- प्रक्रिया का भी आकलन होता है। यह विचार
(1) पूर्णतः सही है।
(2) अंशतः सही है।
(3) पूर्णतः गलत है।
(4) निराधार है।
109. रीमा ने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली ऋतिका की भाषा-क्षमता, भाषा-निष्पादन संबंधी क्रमिक प्रगति का ब्यौरा उसके अभिभावकों को दिया । रीमा ............ ने के आधार पर यह जानकारी दी।
(1) अवलोकन
(2) पोर्टफोलियो
(3) जाँच सूची
(4) लिखित परीक्षा
110. पहली कक्षा में ........... भी लिखना के अंतर्गत आता है।
(1) वाक्य लिखना
(2) शब्द लिखना
(3) अक्षर बनाना
(4) चित्र बनाना
111. प्राथमिक स्तर पर पढ़ना सीखने में सबसे कम महत्त्वपूर्ण है
(1) अनुमान लगाना
(2) संदर्भानुसार अर्थ
(3) अक्षरों की पहचान
(4) पढ़ने का उद्देश्य
CTET Previous Year Question for Hindi Paper
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112. 'भाषा अर्जन क्षमता' किसके साथ संबंधित है?
(1) पियाजे
(2) चॉमस्की
(3) स्किनर
(4) जूनर
113. प्राथमिक स्तर पर भाषा सीखने में भाषा संबंधी कौन सा संसाधन सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है ?
(1) कम्प्यूटर
(2) बाल साहित्य
(3) समाचार-पत्र
(4) टेलीविजन
114. बच्चे अपनी मातृभाषा का प्रयोग करते हुए हिंदी भाषा की कक्षा में अपनी बात कहते हैं। यह बात ........... है।
(1) स्वाभाविक
(2) निंदनीय
(3) विचारणीय
(4) अनुचित
115. बहु-भाविकता हमारी पहचान भी है और हमारी ......... व .......... का अभिन्न अंग भी।
(1) सभ्यता, संस्कृति
(2) सभ्यता, साहित्य
(3) संस्कृति, साहित्य
(4) संस्कृति, चुनौतियों
116. प्राथमिक स्तर की पाठ्य-पुस्तक में कार्टून, भाषण, विज्ञापन आदि बच्चों के भाषा-क्षमता विकास में .......... हैं।
(1) सहायक
(2) बाधक
(3) निरर्थक
(4) अनुपयोगी
117. पाँचवीं कक्षा की सुहानी 'पाँचौं, किन्हें, आँखें, दोनों आदि शब्द लिखती है। आप सुहानी के लेखन क्षमता के बारे में क्या कहेंगे ?
(1) वह अनुनासिक चिह्न का प्रयोग बिलकुल नहीं जानती।
(2) वह अनुनासिक चिह्न के प्रयोग के प्रति सजग है।
(3) वह अनुनासिक चिह्न के प्रयोग के प्रति लापरवाह है।
(4) वह अनुनासिक चिह्न के नियम का अति सामान्यीकरण करती है।
118. विद्यालय में माषा शिक्षण के लिए कोई कार्यक्रम शुरू करते समय सबसे महत्त्वपूर्ण है
(1) बच्चे की लिखित क्षमता को पहचानना ।
(2) बच्चे की सहज भाषायी क्षमता को पहचानना ।
(3) बच्चे की सहज मौखिक अभिव्यक्ति को पहचानना ।
(4) बच्चे की पठन क्षमता को पहचानना ।
119. कई बार बच्चे जब स्कूल आते हैं तो दो या तीन भाषाओं को .......... और बोलने की क्षमता से लैस होते हैं।
(1) पढ़ने
(2) लिखने
(3) रटने
(4) समझने
120. किसी विषय को सीखने का मतलब है उसकी ....... को सीखना, उसकी ......... को सीखना ।
(1) अवधारणाओं, विषय-वस्तु
(2) विषय-वस्तु, उपयोगी
(3) अवधारणाओं, शब्दावली
(4) शब्दावली, विषय
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भाग - V
भाषा - II : हिंदी
महत्वपूर्ण : परीक्षार्थी भाग V (प्र.सं. 121 से 150) के प्रश्नों के उत्तर केवल तभी दें यदि उन्होंने भाषा - II का विकल्प हिन्दी चुना हो।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 121 से 128 तक) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए :
पाठ्यक्रम को कक्षाक्रम से बहुत कड़ाई के साथ बाँध देने के परिणामस्वरूप बच्चे का विकास एक अनवरत प्रक्रिया नहीं बन पाता, अपितु कृत्रिम खंडों में बैट जाता है। एक स्थिर पाठ्यक्रम बच्चे की व्यक्तिगत रुचियों और क्षमताओं के विकास में सहयोग न देकर एक मजबूरी बन जाता है, जिसे बच्चा और उसका अध्यापक दोनों बेबस होकर स्वीकार करते हैं। यदि एक बच्चा किसी विषय में अपने सहपाठियों से अधिक दिलचस्पी रखता है, तो पाठ्यक्रम की बदौलत उसे पूरे एक वर्ष या इससे भी अधिक प्रतीक्षा करनी होती है, जब वह उस विषय में कुछ अधिक विस्तृत जानकारी अध्यापक और नई पुस्तक से प्राप्त कर सकेगा। श्री अरविंद आश्रम के शिक्षा केंद्र में, जहाँ पाठ्यक्रम पूर्वनिर्धारित और स्थिर नहीं रहता, बच्चों को अपनी व्यक्तिगत रुचि और सामर्थ्य के अनुसार किसी विषय की जानकारी की प्रगति जारी रखने की छूट रहती है। सामान्य स्कूलों में, जहाँ यह छूट नहीं दी जाती। होता प्रायः यह है कि नई कक्षा में आने पर उसे वहीं विषय बिलकुल नया और अपरिचित लगता है, जिसके बारे में काफी कुछ वह पिछली कक्षा में जान चुका था । विशेषतौर पर ऐसा तब होता है, जब पाठ्यक्रम पाठ्यपुस्तकों का पर्याय हो, जैसा भारत में है।
121. पाठ्यक्रम का निर्माण करते समय बच्चों की ........... का ध्यान रखा जाना चाहिए।
(1) क्षमताओं और आर्थिक पृष्ठभूमि
(2) क्षमताओं और पारिवारिक स्तर
(3) क्षमताओं और रुचियों
(4) रुचियों और आर्थिक पृष्ठभूमि
122. यह संभव है कि अलग-अलग बच्चे अलग- अलग विषों में रखते हो।
(1) समान रुचियाँ
(2) समान क्षमताएँ
(3) भिन्न रुचियाँ
(4) भिन्न पूर्वाग्रह
123. पाठ्यक्रम को पाठ्यपुस्तकों का पर्याव ............
(1) होना चाहिए।
(2) नहीं होना चाहिए ।
(3) कहा जा सकता है।
(4) माना जाता है।
124. 'बच्चों को यह छूट दी जानी चाहिए कि वे अपनी रुचि व क्षमता के अनुसार किसी विषय की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें।' यह स्थिति
(1) सराहनीय है।
(2) निंदनीय है।
(3) असंभव है।
(4) अव्यावहारिक है।

125. 'बे' उपसर्ग का प्रयोग किस शब्द में नहीं किया जा सकता ?
(1) बस
(2) अदब
(3) ईमान
(4) फिजूल
126. 'प्रतीक्षा' शब्द से एक नया शब्द बन सकता है
(1) प्रतीक्षाशाली
(2) प्रतीक्षारत
(3) प्रतीक्षाबान
(4) प्रतीक्षाहीन
127. 'वर्ष' में 'इक' प्रत्यय लगाने पर नया शब्द बनेगा
(1) वर्षिकी
(2) वर्षिक
(3) वार्षिकी
(4) वार्षिक
128. अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि
(1) पाठ्यक्रम स्थिर होना चाहिए ।
(2) पाठ्यक्रम में लचीलापन होना चाहिए।
(3) पाठ्यक्रम पूर्णतः अस्थिर होना चाहिए।
(4) पाठ्यक्रम जानकारीपरक होना चाहिए ।
P-1 निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 129 से 135 तक) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए :
आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही छवि उभरती है। वह छवि कहती है कि वहाँ गरीबी है। वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है। वहाँ अंध-विश्वास है। गंदगी है। बीमारी है। हमें विचार करना है कि सच क्या है ? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं? आज जो गाँवों की दुर्दशा हुई है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की पड़ताल करते हुए हमें नई समझ बनानी है तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है। वैसे यह खुदा का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदला है। जो दूरस्थ गाँव हैं शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता तो खासी बची हुई है। ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है? हमें विचार करना है। मगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों से देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा सकता । तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए गाँव चलना है।
अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है। एक विद्याशाला है। गाँव वेधशाला या प्रयोगशाला इसलिए है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। आजमाया जाता है। जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर खरा न उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है। हर ज्ञान के होने की शर्त यह है वह सृजन और उत्पादन की शान पर तराशा जाए ।
129. शान के होने की अनिवार्य शर्त है
(1) सृजन और धन
(2) सृजन और उत्पादन
(3) धन और उत्पादन
(4) उत्पादन और ज्योति
130. अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि
(1) गाँव में नकारात्मक परिवर्तन भी हुए हैं।
(2) गाँव में समस्त परिवर्तन सकारात्मक है।
(3) गाँव में बीमारी और अज्ञान ही है।
(4) गाँव में लोग अशिक्षित और अज्ञानी हैं।
131. गाँच को ठीक से समझने के लिए जरूरी है
(1) गाँव के किस्से सुनना
(2) गाँव को टी. बी. पर देखना
(3) गाँव के बारे में पढ़ना
(4) स्वयं गाँव में जाना
Previous Year Question Papers For CTET, Paper I
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132. गाँव को प्रयोगशाला क्यों कहा गया है ?
(1) ज्ञान को जानकारी की कसौटी पर कसा जाता है।
(2) ज्ञान को कर्म की कसौटी पर कसा जाता है।
(3) ज्ञान को निरंतर बढ़ाया जाता रहता है
(4) ज्ञानवान व्यक्ति ज्ञान का प्रयोग करते हैं।
133. 'फर्स्ट हैंड समझ' से तात्पर्य है
(1) ज्ञानवान व्यक्तियों से जानकारी लेना।
(2) दूसरों के अनुभव से समझ बनाना ।
(3) स्वयं के अनुभव से समझ बनाना ।
(4) स्वयं के पूर्वज्ञान, पूर्वाग्रहों से समझ बनाना ।
134. 'शिक्षित' शब्द में प्रत्यव है
(1) क्षित
(2) त
(3) इत
(4) क्षत
135. गाँव की छवि में क्या शामिल नहीं है ?
(1) गंदगी
(2) अशिक्षा
(3) अज्ञान
(4) कर्म
136. प्राथमिक स्तर पर कौन सी गतिविधि बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति के विकास में सबसे कम प्रभावी है ?
(1) घटना वर्णन करना ।
(2) कहानी को शब्दशः दोहराना ।
(3) कहानी को अपनी भाषा में कहना ।
(4) चित्र दिखाकर कहानी कहलवाना ।
137. मुहावरे और लोकोक्तियों के प्रयोग के संदर्भ में कौन सा कथन उचित है ?
(1) ये भाषा का अनिवार्य हिस्सा है।
(2) ये भाषा प्रयोग को प्रभावी बनाते हैं।
(3) ये भाषा को नियंत्रित करते हैं।
(4) भाषा का अलंकरण इनका कार्य है।
138. मीता ने सभी बच्चों को एक अनुच्छेद दिया जिसमें हर पाँचवें शब्द की जगह रिक्त स्थान या, जिसे बच्चों को भरना था। मीता ने किसका प्रयोग किया ?
(1) पठन परीक्षण
(2) लेखन परीक्षण
(3) व्याकरण परीक्षण
(4) क्लोज़ परीक्षण
139. बच्चों में ....... और ......... के माध्यम से लेखन कौशल का विकास किया जा सकता है।
(1) रेखांकन, चित्रांकन
(2) चित्रांकन, लिपि-चिह्नों
(3) रेखांकन, लिपि-चिह्नों
(4) लिपि-चिह्नों, अक्षर बनावट
140. मुदिता अकसर 'स' को 'स' बोलती है। मुदिता की भाषा-शिक्षिका के रूप में आप इस स्थिति के बारे में क्या कहेंगे ?
(1) भाषागत त्रुटि का होना
(2) क्षेत्रीय भाषा का प्रभाव
(3) भाषागत ज्ञान का अभाव
(4) भाषा प्रयोग में लापरवाही
141. निम्नलिखित में से कौन सा प्रश्न बच्चों की माषा- क्षमता के विकास में सर्वाधिक सहायक है ?
(1) डाल-डाल का इस्तेमाल करते हुए वाक्य बनाओ ।
(2) तितली कली के पास कब गई होगी और क्यों ?
(3) तितली और कली ने क्या खेल खेला ?
(4) तुम्हारी मनपसंद किताब कौन सी है ?
Previous Year Question Papers For CTET, Paper II
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142. 'सामाजिक अंतः क्रिया' की अवधारणा .......... से संबंधित है।
(1) स्किनर
(2) पियाजे
(3) चॉम्स्की
(4) वाइगोत्स्की
143. स्किनर ने भाषा सीखने की प्रक्रिया में ............ पर सर्वाधिक बल दिया ।
(1) अंतःक्रिया
(2) अनुकरण
(3) भाषा अर्जन क्षमता
(4) सृजनात्मकता
144. बच्चों की भाषाई क्षमताओं के आकलन के लिए ........... सर्वाधिक सहायक है।
(1) बच्चों की परस्पर अनौपचारिक बातचीत
(2) बच्चों की कक्षा में औपचारिक बातचीत
(3) बच्चों और शिक्षक की परस्पर औपचारिक बातचीत
(4) बच्चों का शिक्षक द्वारा प्रदत्त अभ्यास कार्य करना
145. कौन सा प्रश्न कक्षा में बहु-भाषिकता को पोषित करता है ?
(1) अच्छी लगने वाली महक को क्या कहेंगे ?
(2) बुरी लगने वाली महक को क्या कहेंगे ?
(3) तुम्हारे घर में किस-किसकी महक आती है?
(4) फूलों के नाम अपनी भाषा में लिखो ।
146. 'इस कहानी में पहाड़ी, घाटी शब्दों का इस्तेमाल हुआ है। पहाड़ी इलाके से जुड़े हुए और शब्द सोचकर लिखो।' यह अभ्यास प्रश्न .............. का उदाहरण है।
(1) संदर्भ में व्याकरण
(2) शब्द-भंडार में विकास
(3) शब्द-कोश का विकास
(4) पर्यायवाची शब्दों से परिचय
147. शिक्षण-प्रक्रिया को रुचिकर बनाने में ........... शिक्षण-सामग्री सहायक होती है।
(1) ऑडियो-वीडियो
(2) वैविध्यपूर्ण
(3) बीडियोपरक
(4) पत्र-पत्रिकाएँ
148. प्राथमिक स्तर पर भाषाई क्षमताओं का विकास ........ है और साहित्य ....... है।
(1) साधन, साध्य
(2) साध्य, उद्देश्य
(3) साध्य, साधन
(4) उद्देश्य, साध्य
149. प्राथमिक स्तर पर कौन सा भाषा शिक्षण का उद्देश्य नहीं है ?
(1) अपने द्वारा कही गई बात की तार्किक पुष्टि करना।
(2) भाषा का सृजनशील एवं कल्पनाशील प्रयोग करना ।
(3) रचनाओं के माध्यम से विभिन्न विषयों से जुड़ना ।
(4) भाषा संबंधी व्याकरण को पूर्णतः कंठस्थ करना।
150. कक्षा में भाषा की ........ के प्रति .......... बनकर उसका उपयोग भाषा शिक्षण में करना चाहिए।
(1) विविधता, विद्वान
(2) विविधता, संवेदनशील
(3) संवेदनशीलता, कठोर
(4) एकरूपता, संवेदनशील
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