Explore CTET July 2019 Hindi Questions for Language 1 and 2, Paper 1 with the official answer key. Perfect resource for CTET aspirants to enhance preparation with accurate solutions and insights. Stay ahead in your teaching career with our comprehensive study materials.

Follow Us
| Join Now | |
| Join Now | |
| Telegram | Join Now |
CTET English : Paper 1
Prepare effectively for the CTET Hindi Paper 1 with our comprehensive Study Materials, Mock Tests and Previous Year Questions. Our resource provides an extensive collection of practice papers designed to simulate the actual exam environment, helping you gain confidence and improve your problem-solving skills. Each mock test is crafted to cover a wide range of topics and question formats that are typically seen in the CTET Hindi Paper 1, ensuring you are well-prepared for any type of question that may appear.
CTET July 2019 : Hindi, Paper 1
भाग - IV
भाषा - I : हिंदी
महत्वपूर्ण : परीक्षार्थी भाग IV (प्र.सं. 91 से 120) के प्रश्नों के उत्तर केवल तभी दें यदि उन्होंने भाषा - I का विकल्प हिन्दी चुना हो।
Translate (AI) = English to Hindi Version
106. छात्रों के मौखिक भाषा विकास के लिए कक्षा में निम्नलिखित में से कौन सा अभ्यास सबसे अधिक सहायक है?
A. कविता को याद करके सामूहिक या व्यक्तिगत पाठ करना।
B. अपनी पसंदीदा दृश्यों में से किसी एक पर रोल-प्ले में भाग लेना।
C. नए या अपरिचित शब्दों का सही उच्चारण करना।
D. शिक्षक के साथ पाठ का सामूहिक पठन।
107. एक संरचनावादी कक्षा में भाषा सीखना मुख्यतः किस पर आधारित होगा?
A. प्रत्येक बच्चे की हस्तलेखन विकास का सूक्ष्म निरीक्षण और रिकॉर्डिंग।
B. वर्तनी की त्रुटियों को सुधारना और यह सुनिश्चित करना कि वे दोबारा न हों।
C. भाषा पाठ्यक्रम को सावधानीपूर्वक पूरा करना।
D. समूह चर्चा और सहपाठियों के साथ बातचीत।
108. एक भाषा शिक्षक के रूप में व्याकरण पढ़ाने के संदर्भ में आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है?
A. व्याकरण के नियमों से बचना।
B. कार्यात्मक दृष्टिकोण का उपयोग करना।
C. व्याकरण अनुवाद पद्धति का उपयोग करना।
D. व्याकरण के नियम याद करना।

109. पाठ्यपुस्तक के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A. एक पाठ्यपुस्तक शिक्षक के लिए अंतिम चीज है।
B. यह पाठ्यक्रम में निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करती है।
C. पाठ्यपुस्तकें पढ़ने का एकमात्र स्रोत हैं।
D. यह सत्र के शैक्षिक गतिविधियों की योजना है।
110. भाषा सीखने में नैदानिक परीक्षण (डायग्नोस्टिक टेस्ट) का उद्देश्य क्या है?
A. छात्रों की प्रगति रिपोर्ट भरना।
B. सामूहिक मूल्यांकन के लिए प्रश्न पत्र तैयार करना।
C. छात्रों की समझ में अंतराल को जानना।
D. पीटीएम में माता-पिता को फीडबैक देना।
111. भाषा में सतत् और व्यापक मूल्यांकन (CCE) का उद्देश्य क्या है?
A. उनके सीखने के अंतराल का मूल्यांकन करना।
B. नियमित परीक्षाएं जैसे साप्ताहिक परीक्षाएं लेना।
C. बच्चों द्वारा प्राप्त योग्यता स्तर का आकलन करना।
D. पाठ्यपुस्तक की समझ का मूल्यांकन करना।
112. किस अधिनियम के तहत अंग्रेजी को सहायक आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ?
A. सहायक आधिकारिक भाषा अधिनियम, अनुच्छेद-343।
B. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा।
C. त्रिभाषा सूत्र।
D. आधिकारिक भाषा अधिनियम, अनुच्छेद-343।
113. एक शिक्षक एक बच्चे के 'संपूर्ण भाषा उपयोग' के लिए उसकी सराहना कर रहा है, हालांकि उसके कुछ शब्दों में गलतियां थीं। शिक्षक अपनी कक्षा में किस दृष्टिकोण का उपयोग कर रहा है?
A. संप्रेषणात्मक।
B. संरचनावादी।
C. संपूर्ण भाषा।
D. संरचनात्मक।
114. कौन सा दृष्टिकोण आदत निर्माण पर बहुत जोर देता है?
A. संप्रेषणात्मक दृष्टिकोण।
B. व्यवहारवादी दृष्टिकोण।
C. मिश्रित दृष्टिकोण।
D. संज्ञानात्मक दृष्टिकोण।
CTET Previous Year Question for Hindi Paper
Explore comprehensive solutions and answer keys for CTET Hindi, Paper 1 from previous years. Our collection includes detailed question papers, solutions, and expert analysis to help you prepare effectively for the Central Teacher Eligibility Test. Access valuable resources and enhance your exam strategy with real exam questions and solutions.
| CTET June 2011, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Jan 2012, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Nov 2012, Paper - 1 | Click Here |
| CTET July 2013, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Feb 2014, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Sep 2014, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Feb 2015, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Sep 2015, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Jan 2016, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Feb 2016, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Sep 2016, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Dec 2018, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Dec 2019, Paper - 1 | Click Here |
| CTET July 2019, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Jan 2021, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Dec 2022, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Jan 2022, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Aug 2023, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Jan 2023, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Jan 2024, Paper - 1 | Click Here |
| CTET July 2024, Paper - 1 | Click Here |
| CTET Dec 2024, Paper - 1 | Click Here |
115. 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' के संदर्भ में भाषा से संबंधित बुद्धिमत्ता कौन सी है?
A. प्रवाह-शुद्धता बुद्धिमत्ता।
B. भाषाई-शाब्दिक बुद्धिमत्ता।
C. शब्दावली-व्याकरण बुद्धिमत्ता।
D. दृश्य-स्थानिक बुद्धिमत्ता।
116. कक्षा में मातृभाषा को निष्कासित करना ............... पद्धति की विशेषता है।
A. द्विभाषी।
B. व्याकरण अनुवाद।
C. प्राकृतिक।
D. प्रत्यक्ष।
117. .............. भाषा में अर्थ के स्तर से संबंधित है।
A. शब्दार्थ।
B. सहस्थिति।
C. बोलचाल।
D. वाक्यविन्यास।
118. एक हिंदी भाषी शिक्षक को एक प्राथमिक विद्यालय में पंजाब के क्षेत्र में पोस्टिंग मिलती है। चूंकि उसे उस क्षेत्र की स्थानीय भाषा नहीं आती है, उसे क्या करना चाहिए?
A. समुदाय को हिंदी सीखने के लिए प्रेरित करें क्योंकि यह राष्ट्रीय/आधिकारिक भाषा है।
B. अंग्रेजी में संवाद करें क्योंकि उसके लिए उनकी स्थानीय बोली को समझना कठिन है।
C. बच्चों की भाषा को संसाधन के रूप में उपयोग करें और पढ़ाना शुरू करें।
D. हिंदी भाषी क्षेत्र में स्थानांतरण के लिए आवेदन करें।
119. भाषा कक्षा के लिए एक कार्य गतिविधि डिजाइन करते समय शिक्षक को सबसे महत्वपूर्ण किस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए?
A. कार्य के लिए स्पष्ट निर्देश देना।
B. कार्य के लिए आवश्यक सभी शब्दावली प्रदान करना।
C. प्रामाणिक लेखन कार्य सौंपना।
D. उनके परिवेश से कोई विषय चुनना।
120. कुछ बच्चों को कक्षा के बाहर अंग्रेजी का संपर्क नहीं होता है। ऐसे में, शिक्षक की अंग्रेजी बोलने की दक्षता क्यों आवश्यक है?
A. शिक्षक छात्रों की सीखने की प्रक्रिया में त्रुटियों को संपादित कर सकते हैं।
B. छात्र नई भाषा को सुन सकते हैं और उसे समझ सकते हैं, इससे पहले कि वे वास्तव में संवाद करें।
C. छात्र शिक्षक द्वारा उपयोग किए गए कथनों या वाक्यों की नकल, अभ्यास और पुनरावृत्ति कर सकते हैं।
D. शिक्षक व्याकरण अभ्यास पर अधिक समय दे सकते हैं।
YouTube Channel
| Assam TET Academy | Subscribe Now |
| Career Niyog | Subscribe Now |
भाग - V
भाषा - II : हिंदी
महत्वपूर्ण : परीक्षार्थी भाग V (प्र.सं. 121 से 150) के प्रश्नों के उत्तर केवल तभी दें यदि उन्होंने भाषा - II का विकल्प हिन्दी चुना हो।
सुप्रसिद्ध गीतकार गोपालदास 'नीरज' ने अपनी एक रचना में कहा है:
जैसा हो आघात रे वैसा बजे सितार
तेरी ही आवाज की प्रतिध्वनि है संसार।
हम वाद्ययंत्रों पर जैसा आघात करते हैं वैसी ही ध्वनि उनसे निकलती है। यदि कठोरता से आघात करते हैं तो कठोर ध्वनि उत्पन्न होती है, लेकिन यदि कोमलता से आपात करते हैं तो कर्णप्रिय कोमल ध्वनि उत्पन्न होती है। यदि हम किसी वाद्ययंत्र को नियमपूर्वक ठीक से बजाते हैं तो सही राग उत्पन्न होता है, अन्यथा सही राग उत्पन्न होने का प्रश्न ही नहीं उठता। सही राग उत्पन्न न होने की स्थिति में गुणीजन हमारे गायन अचवा वादन की ओर आकर्षित ही नहीं होंगे। हमारे जीवन रूपी सितार की भी यही स्थिति होती है। यदि हम अनुशासन में रहते हुए प्रत्येक कार्य नियमानुसार करते हैं तो जीवन रूपी सिप्तार से उत्पन्न होने वाला प्रत्येक राग रूपी कार्य हमें सार्थकता और आनंद ही प्रदान करेगा।
इस संसार में हम जो कुछ सोचते, कहते अयवा करते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। न कम, न अधिक। जब हम किसी खंडहर अयवा वादी में कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलते हैं तो कुछ देर बाद यही अच्छा शब्द या वाक्य गूंजता हुआ हमें सुनाई पड़ता है और यदि हम सुरीली आवाज निकालते हैं तो वैसी ही सुरीली आवाज लौटकर हमारे पास आती है, लेकिन यदि हम डरावनी आवाज निकालते हैं तो वैसी ही डरावनी आवाज लौटकर आती है। हम जैसा एक बार बोलते हैं वैसा ही कई बार सुनने को अभिशप्त होते हैं। पर यह बात अनुभव करते हुए भी इसका आशय हम समझते नहीं। चूंकि आवाज के तौटकर आने में थोड़ा वक्त लगता है, इसलिए हम उसे स्वतंत्र पटना मान लेते हैं। यह अहसास नहीं कर पाते कि हमारे ही किए हुए काज, हमारे ही सोचे हुए माव अलग दिशा से हमारे पास आते दिख रहे हैं।
121. जीवन के साथ सितार की तुलना किसलिए की गई है?
A. सितार बजाने की भाँति जीने का भी एक सत्तीका होता है।
B. जीवन तो सुरीला ही होता है।
C. तुलना ही असंगत है।
D. जीवन सितार की भाँति संगीतमय होना चाहिए।
122. 'हम जैसा करते हैं वैसा पाते हैं यह समझाने के लिए लेखक ने किसका उदाहरण दिया है?
A. आपातक
B. गूँज का
C. अनुशासन का
D. सितार का

123. प्रत्यव की दृष्टि से उस शब्द को पहचानिए जो शेषों से मिल्यो।
A. निकलता
B. समस्कता
C. कठोरता
D. कोमलता
124. 'यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलते है की कर्माच्य में
A. यदि कोई बच्चा तथा दाबता जाए तो
B. यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलेंगे तो...
C. यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलते रहेंगे तो....
D. यदि कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलें तो....
125. 'पृणास्पद' का संधि-विच्छेद होगा :
A. घृणा + स्पद
B. घृणा + आस्पद
C. घृणाः + पद
D. घृणाः + पद
126. कौन-सा विशेषण गोपालदास 'नीरज' के लिए उपयुक्त नहीं है?
A. रचनाकार
B. कवि
C. गीतकार
D. संगीतकार
127. एक ही वाद्ययंत्र से कोमल और कठोर ध्वनि निकलना किस पर निर्भर होता है?
A. श्रोता की रुचि पर
B. हलके या तेज आयात पर
C. वाद्ययंत्र पर
D. बजाने वाले की कला पर
128. 'कर्णप्रिय' ध्वनि का आशय है:
A. कानों को प्रिय
B. कानों से प्रिय
C. कानों पर प्रिय
D. कानों में प्रिय
निर्देश (प्र.सं. 129 से 135): निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिएः
हमारा जीवन जिन मानवीय सिद्धांतों, अनुभवों और सांस्कृतिक संस्कारों के संबल से समस्त सृष्टि के लिए महत्वपूर्ण बना है, परोपकार की भावना उन्हीं में एक है। मानव को दूसरे मानव के प्रति वैसा ही संवेदनात्मक उत्तरदायित्व निभाना चाहिए, जैसे वह स्वयं के प्रति निभाता है। जीवन को केवल परोपकार, पर सेवा और निःस्वार्थ प्रेम के लिए ही वास्तविक समझना चाहिए क्योंकि नश्वर शरीर जब नष्ट हो जाएगा तो उसके बाद हमारा कुछ भी इस दुनिया के जीयों की स्मृति में नहीं रहेगा। हम जग जीवों की स्मृति में सदा-सदा के लिए तभी बने रह सकते हैं, जब हम अपने नश्वर शरीर को वैचारिक, बौद्धिक और आत्मिक चेतना से पूर्ण कर निःस्वार्थ भाव से स्वयं को जीव सेवा में समर्पित करेंगे।
हमें स्थिरता से और शांतिपूर्वक यह विचार करते रहना चाहिए कि हमारे जीवन का सर्वश्रेष्ठ उद्देश्य और एकमात्र तक्ष्य हमारे द्वारा किया जाने बाला त्याग है। त्याग योग्य व्यक्तित्व प्राप्त करने के लिए गहन तप की आवश्यकता है। त्याग का भाव किसी मनुष्य में साधारण होते हुए नहीं जन्म लेता। इसके लिए मनुष्य को जीवन जगत और इसके जीवों के संबंध में असाधारण वैचारिक रचनात्मकता अपनाकर निरंतर योग, ध्यान, तप व साधना करनी होगी। उसे इस स्थिति से विचरते हुए विशिष्ट आस्यात्मिक अनुभवों से लैस होना होगा। आवश्यकता होने पर उसे जीवों की वास्तविक सेवा करनी होगी। जब ऐसी विशेष मानवीय परिस्थितियाँ उत्पन्न होंगी, तब ही मानव में त्याग भाव आकार ग्रहण करेगा।
129. वाग के योग्य व्यक्तित्व प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैः
A. साधारण पात्रता
B. सद्गुणों की प्राप्ति
C. सर्वोच्च मानतीयता
D. असाधारण रचनात्मकता
Previous Year Question Papers For CTET, Paper I
Explore comprehensive solutions and answer keys for CTET Hindi, Paper 1 from previous years. Our collection includes detailed question papers, solutions, and expert analysis to help you prepare effectively for the Central Teacher Eligibility Test. Access valuable resources and enhance your exam strategy with real exam questions and solutions.
| CDP | Click Here |
| Mathematics | Click Here |
| EVS | Click Here |
| English | Click Here |
| Hindi | Click Here |
| Assamese | Click Here |
| Bengali | Click Here |
130. 'आध्यात्मिक अनुभवों से लैस' होना होगा। रेखाकित शब्द का अर्थ है
A. पूर्ण
B. सतर्क
C. रिक्त
D. सज्जित
131. 'आध्यात्मिक' शब्द का निर्माण किस उपसर्ग की सहायता से हुआ है?
A. अधि
B. जाध्य
C. आधि
D. अ
132. रचना की दृष्टि से शेष से भिन्न शब्द को अलग कीजिए:
A. वैचारिक
B. वास्तविक
C. बौद्धिक
D. मालिक
133. शरीर को 'नश्वर' कहा जाता है, क्योंकि वह :
A. अत्यायु होता है।
B. नाशवान होता है।
C. छोटा होता है।
D. अत्यल्प होता है।
134. लोग हमें तभी याद रखेंगे जब हम:
A. वास्तविक ज्ञान अर्जित करेंगे।
B. निःस्वार्थ भाव से सेवा करेंगे।
C. वैचारिक उन्नति करेंगे।
D. नश्वर शरीर को त्याग देंगे।
135. जीवन का श्रेष्ठ उद्देश्य किसे बताया गया है?
A. तप
B. रचनात्मकता
C. त्याग
D. शिक्षा
136. भाषा में आकलन का अर्थ है:
A. भाषा-प्रयोग की क्षमता का आकलन
B. आलंकारिक भाषा के प्रयोग का आकलन
C. साहित्यिक बिद्याओं की जानकारी का आकलन
D. मापा-व्याकरण का आकलन
137. बच्चों की लेखन क्षमता का आकलन करते समय आप सर्वाधिक महत्वपूर्ण किसे मानते हैं?
A. शुद्ध वर्तनी
B. सुंदर सेखन
C. विचार तत्त्व
D. व्याकरणिक ज्ञान
Previous Year Question Papers For CTET, Paper II
Explore comprehensive solutions and answer keys for CTET Paper 2 from previous years. Our collection includes detailed question papers, solutions, and expert analysis to help you prepare effectively for the Central Teacher Eligibility Test. Access valuable resources and enhance your exam strategy with real exam questions and solutions.
| CDP | Click Here |
| Maths & Science | Click Here |
| Social Stuies | Click Here |
| English | Click Here |
| Hindi | Click Here |
| Assamese | Click Here |
| Bengali | Click Here |
138. 'बच्चे अपनी जन्मजात भाषा अर्जन क्षमता के सहारे परिवेश में मौजूद भाषा अर्जित करते हैं। यह कयन किसे महत्व नहीं देता?
A. समृद्ध भाषा परिवेश को
B. भाषा-नियमों में परिवर्तन को
C. भाषा-नियमों में विस्तार को
D. माषा-अनुकरण करने को
139. प्राथमिक स्तर पर भाषा कौशलों का विकास ............. |
A. साध्य है
B. कठिन है
C. संभव नहीं है
D. साधन है
140. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति का निकास करने
की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण गतिविधि है:
A. कहानी को ज्यों का वों दोहराना।
B. कहानी सुनकर चित्र बनाना।
C. कहानी सुनकर शब्दशः खिता।
D. कहानी सुनकर उसे अपनी भाषा में कहना।
141. पहली कक्षा में पढ़ने वाली रोशनी लिखते समय अपनी मातृभाषा के शब्दों का प्रयोग करती है। भाषा शिक्षक के रूप में आप क्या करेंगे?
A. मातृभाषा वाले शब्दों पर लाल घेरा लगाएँगे।
B. मातृभाषा वाले शब्दों का हिंदी अनुवाद लिख देंगे।
C. मातृभाषा वाले शब्दों को स्वीकार करेंगे।
D. रोशनी को समझाएँगे कि यह गलत है।
142. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की सहज और स्वाभाविक मौखिक अभिव्यक्ति में सबसे कम महत्वपूर्ण है:
A. शुद्ध उच्चारण
B. बोलने में आत्मविश्वास
C. मौलिक विचार
D. स्पष्टता
143. प्राथमिक स्तर पर बच्चों का भाषा-विकास सर्वाधिक रूप से निर्भर करता है:
A. भाषा के कठोर आकलन पर
B. भाषा की पाठ्य-पुस्तक पर
C. समृद्ध भाषिक परिवेश पर
D. भाषा की व्याकरणिक जानकारी पर
144. ........... वाले बच्चों को मुख्यतः लिखने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
A. डिस्ग्राफिया
B. डिस्केलकुलिया
C. अफेजिया
D. डिस्लेक्सिया
145. प्राथमिक स्तर पर भाषा शिक्षण का उद्देश्य है:
A. विषय सामग्री के माध्यम से केवल कठिन शब्दों के अर्थ जानना।
B. दूसरे के विचारों को शब्दशः दोहराने मात्र की कुशलता काचिकास।
C. पठन के द्वारा ज्ञानार्जन एवं आनंद प्राप्ति में समर्थ बनाना।
D. विभिन्न साहित्यिक विधाओं की रचनाओं और रचनाकारों के नाम याद करना।
146. प्रायमिक स्तर की पाठ्य-पुस्तकों में विषय-वस्तु का फलक ........... हो जिसमें ......के सरोकार झलकते हों।
A. विस्तृत, समाज
B. उच्च, विद्यालय
C. उच्च, समाज
D. विस्तृत, अभिभावकों
147. भाषा वैज्ञानिक दृष्टि से भाषा और बोली में:
A. अंतर होता है।
B. आशिक संबंध होता है।
C. आशिक संबंध नहीं होता।
D. अंतर नहीं होता।
148. बहु-भाषिकता हमारी ......... भी है और हमारी सभ्यता व ............. का अभिन्न अंग भी।
A. चुनौती, संस्कृति
B. पहचान, संस्कृति
C. समस्या, पहचान
D. विडम्बना, संस्कृति
149. एक तीन साल के बच्चे से किसी भी ऐसे विषय पर अच्छी तरह से बातचीत की जा सकती है जो उसके ......... दायरे के अंदर आता हो।
A. संज्ञानात्मक
B. भौगोलिक
D. भावनात्मक
C. विद्यालयी
150. विश्व की सभी भाषाएँ बोड़े से फेरबदल से एक ही लिपि में लिखी जा सकती है। यह कथन:
A. आशिक रूप से साथ है।
B. पूर्णतः सत्य नहीं है।
C. पूर्णतः साथ है।
D. भ्रामक है।
Study Materials
| Assam TET-LP | Assam TET-UP | CTET - Paper 1 |
| CTET - Paper 2 | ADRE Grade 3 | ADRE Grade 4 |
| Assam Police | D.El.Ed | Class - 10 |
| Asaam TET-GT | Assam TET-PGT | Class - 12 |
Design & Developed by Assam TET Academy
Copyright © 2026 Assam TET | All rights reserved